कभी किसी को कमजोर मत समझना ए दोस्त,
ये याद रखना कि बंद घड़ी भी रोज दिन मे दो बार सही समय बताती है...
Saturday, November 27, 2010
Friday, November 05, 2010
अब भी दिल उदास है....
अब भी दिल उदास है....
चिड़ियाँ की ची ची के बाद,
पवनो की सी सी के बाद,
घड़ी की टिक टिक के बाद,
अब भी दिल उदास है....
दिन के डल जाने के बाद,
सुबहा उठ जाने के बाद,
सबके समझाने के बाद,
अब भी दिल उदास है....
आँसू के सुखने के बाद,
भैया के रूठने के बाद,
सबके जुक जाने के बाद,
अब भी दिल उदास है...
गोलु की आँखो के बाद ,
चीची की मुस्कान के बाद,
फिर नई श्याम के बाद,
अब भी दिल उदास है....
अब भी दिल उदास है....
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